वहीं दूसरी मस्जिद के इमाम का कहना है कि इस नृत्य से अल्लाह का घर अपवित्र हो गया है। उन्होंने मांग की है कि उस वीडियो को नष्ट कर दिया जाए। जबकि इलाक़े के उप मुफ़्ती रुस्तम बातरोव कहते हैं, “दुर्भाग्य से तातर पॉप कल्चर के कुछ नुमाइंदे नहीं जानते कि मस्जिद और इस्लाम का क्या अर्थ है।”
गनीउल्लीना ने वीके डॉट कॉम पर अपने अकाउंट पर माफ़ी मांगते हुए लिखा, “यदि इस क्लिप से किसी की भावनाओं को ठेस लगी है तो मैं माफी मांगती हूं।” हालांकि ये विवाद मुख्य रूप से धार्मिक नेताओं तक ही सीमित लगता है। क्योंकि यूट्यूब पर इस वीडियो को लेकर लोग काफी उत्साहित हैं।

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